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story in hindi जब मैथुसन मौत के मुंह से बचा

यह कहानी अमरीकी पायलट मैथुसन के जीवन की सत्य घटना है real story in hindi

जब उसने मौत के मुंह से बचाया- मैथुसन. story in hindi

जीवन में कई बार ऐसी घटनाएं होती हैं जब लगता है कि. मारने वाले से बचाने वाला बड़ा होता है।

उन घटनाओं में कई बार ऐसा अवसर होता है, जिनमें व्यक्ति को मर जाना चाहिए था.

लेकिन हर बार वह आश्चर्यजनक रूप से बच जाता है. और उसकी बुद्धि यह सोचने पर विवश हो जाती है

कि जब ऊपर वाला कृपालु हो तो कौन उसे मार सकता है।

1950 की एक घटना है। कोरिया युद्ध में प्रतिरोध के लिए अमरीकी वायुसेना की मदद मांगी गई. जिसके चलते कई

सारे विमान कोरिया भेजे गए।

विमान को चलाने वाले पायलटों में से एक युवा पायलट भी था. उसका नाम मैथुसन था। 

उसकी नियुक्ति हाल ही में वायुसेना में लेफ्टिनेंट के पद पर हुई थी. इस कारण उसे युद्ध का कोई विशेष

अनुभव नहीं था लेकिन मैथुसन के अंदर साहस की कोई कहीं नहीं थी। you are reading real story in hindi

कई विमानों के साथ वह भी अपने विमान को लेकर कोरिया के ऊपर रोज गश्त लगाया करता था। एक दिन

वह रोज की भांति अपने चार अन्य साथियों के साथ कोरिया के ऊपर गश्त लगा रहा था। वह अपने बाकी

साथियों से सबसे आगे चल रहा था। अभी वह आगे की ओर बढ़ ही रहा था. कि अचानक उसकी दृष्टि

च्यांग योंग हवाई अड्डे पर पड़ गई।

वहां दो लड़ाकू विमान उड़ने के लिए तैयार हो रहे थे। बिना देरी के वह तुरंत ही समझ गया. कि

ये विमान उन पर हमला करने के लिए ही तैयार हो रहे हैं। उसके मन में तत्काल एक बात आई

कि क्यों न इन विमानों को उड़ने से पहले ही नष्ट कर दिया जाय। उसने उन शत्रु विमानों को नष्ट

करने का निश्चय कर लिया. और उसके लिए दृढ़ संकल्पित हो गया। इस बीच उससे एक गलती हो गई कि

वह भूल गया कि वह स्वयं दुश्मन की सीमा के भीतर है. और दुश्मन उसकी घात में जरूर बैठे होंगे। यही

सावधानी हटी और दुर्घटना घटी, यानि कि विपत्ति का कारण बनी।

अभी वह कुछ कर नहीं पाया था. कि इसके पहले ही उसके विमान को एक बहुत ही तेज झटका लगा।

बिना देरी किए हुए मैथुसन समझ गया कि वह दुश्मन के चंगुल में फंस चुका है. और झटका दुश्मन पक्ष के

द्वारा उसके विमान पर दागे गए किसी गोले का परिणाम है। उसका अंदाजा बिल्कुल सही था।

विमान उस झटके के साथ डगमगाने लगा था। कुछ देर बाद जब विमान डगमगाना बंद हुआ. तो उसने

देखा कि विमान के दो टुकड़े हो गए हैं। उस विमान के पीछे का हिस्सा टूटकर बड़ी तेजी के साथ नीचे गिरता

जा रहा था. जबकि आगे के हिस्से में वह अभी भी सवार बैठा था और उड़ रहा था।

यह दृश्य देखते ही, पहले तो वह घबरा गया. पर शीघ्र ही अपने को संभाला और परिस्थिति के अनुरूप किया।

उसने काकपिट से नीचे की ओर झांककर देखा। दुश्मन के खेमें में बहुत सक्रियता थी। मैथुसन अब भी कुछ करना

चाहता था. इसीलिए वह दुश्मन हवाई अड्डे के ऊपर चक्कर काट रहा था। लेकिन वह करता तो क्या करता?

कुछ सोच नहीं पा रहा था. कि अचानक एक और गोला आकर कैबिनेट की दीवार से टकराया। वह विमान में

एक ओर सरक गया। कुछ संभल पाता कि तबतक एक दूसरे गोले ने विमान के डैने को ही ध्वस्त कर दिया।

इस आघात के साथ कैबिन के दो टुकड़े हो गए। इसी बीच तीसरे गोले के आघात ने कक्ष को पूरा तहस नहस

कर दिया। मैथुसन बहुत तेजी से नीचे गिरने लगा। उसका पैराशूट तोप के आघातों के कारण तहस नहस

हो चुका था. अतः वह अपनी सुरक्षा के लिए पैराशूट का उपयोग भी नहीं कर सका।

भयंकर विस्फोट से बची जान

जब वह धरती पर गिरा तो कुछ समय तक अचेत पड़ा रहा. किंतु थोड़ी ही देर में उसे होश आ गया। भागने लगा तो

दुश्मन ने उसके ऊपर गोलियों की बौछार कर दी।

वह सामने टूटे पड़े हुए विमान के पीछे जाकर छुप गया। दुश्मन उसकी ओर आगे बढ़ आ रहे थे। वह लगभग

पूरी तरह हताश हो चुका था. कि तभी अचानक न जाने कैसे सामने पडे हुए विमान में बहुत भयंकर विस्फोट

हुआ। आग का गोला देखकर दुश्मन पीछे भागने लगे. इसी बीच मैथुसन को मौका मिल गया और एक ओर

भागने लगा। वह बहुत तेजी के साथ भागा चला जा रहा था. पर दुश्मन सैनिक भी लगातार उसका पीछा कर

रहे थे। आखिर में बचने का कोई उपाय न देख वह पास के ही एक जंगली दलदल में कूद गया. और पीठ के बल

लेटा रहा। मृत्यु फिर उसके सिर पर मंडरा रही थी। उसके शरीर के मात्र कुछ इंच के ऊपर से लगातार गोलियां

निकल रही थीं. जो उसके शरीर में घुस कर कभी भी उसका लाश बना सकतीं थीं। 

कुछ देर के बाद गोलीबारी शांत हुई। मैथुसन फिर भी दलदल में लेटा रहा कि कहीं यह दुश्मन की कोई

चाल न हो। किंतु जब अधिक समय हो गया. तो वह उठ कर बैठ गया और दुश्मन की टोह लेने लगा। तभी

थोड़ी ही देर में उसे ऊपर एक अमरीकी हेलिकॉप्टर उड़ता हुआ नजर आया।

वह प्रसन्नता में उछलने लगा। वह जल्दी से दलदल से बाहर निकल आया. और हाथ हिला कर उसे इशारा

करने लगा। हेलिकॉप्टर नीचे उतरा. मैथुसन उसमें बैठा और मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकल आया। story in hindi

बाद में जब वह अपने साथियों से मिला. तो अपने साथियों से यही कहता कि ईश्वर ने ही उसे बचाया.

अन्यथा उसका बच निकलना असंभव था‌। सचमुच जब इतनी बार कोई मौत का सामना करके बच निकल

आया हो. तो ईश्वर के चमत्कार के अतिरिक्त और क्या कह सकते हैं।

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